परबत्ता। वामपंथी दलों एवं इंडिया गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) अंचल परिषद, परबत्ता की ओर से प्रखंड मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया।
भाकपा अंचल परिषद कार्यालय से निकला जुलूस मुख्य मार्ग से होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा। कार्यकर्ता “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “ज्ञानेश कुमार को हटाओ” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाते हुए पहुंचे। इसके बाद भाकपा जिला परिषद सदस्य सुबोध राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले का दहन किया।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
पुतला दहन के बाद आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए भाकपा खगड़िया जिला परिषद के मंत्री पुनीत मुखिया ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की स्वतंत्र पहचान प्रभावित हुई है और चुनाव प्रक्रिया में एक दल विशेष को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में दो सदस्यों की असहमति के बावजूद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराया गया। उनके अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने की मांग
पुनीत मुखिया ने मांग की कि SIR के नाम पर जिन योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा जोड़ा जाए और उनका मताधिकार बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी राज्य में चुनाव से ठीक पहले SIR नहीं कराया जाना चाहिए तथा पूरे देश में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।
उन्होंने EVM के स्थान पर मतपत्र से चुनाव कराने की भी मांग उठाई।
कार्यक्रम में सहायक अंचल मंत्री सर्वोत्तम कुमार, पार्टी के जिला परिषद सदस्य चार्ली आर्या, हेमंत कुमार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। मौके पर दिव्यांशु कुमार, मुकेश कुमार, मुन्ना कुमार, गुलशन कुमार, नितेश कुमार, प्रिंस कुमार, अंशु कुमार, सुशांत कुमार, मुकुंद कुमार और अभिनव आर्या सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।

