खगड़िया। मंडल कारा खगड़िया में आयोजित ‘बंदी दरबार’ में जिलाधिकारी विक्रम विरकर का सहज और संवेदनशील अंदाज देखने को मिला। बंदियों से संवाद के दौरान अधिकारियों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन डीएम ने कुर्सी पर बैठने के बजाय बंदियों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं।
जिलाधिकारी की इस पहल से बंदियों के बीच भी सहज माहौल बना। उन्होंने एक-एक कर बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

स्वास्थ्य से लेकर बच्चों के टीकाकरण तक हुई बात
बंदी दरबार में कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, बच्चों के टीकाकरण और कारा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बंदियों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
बच्चों के नियमित टीकाकरण को लेकर भी आवश्यक जानकारी ली गई। वहीं जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
संवाद से समाधान की पहल
बंदी दरबार का उद्देश्य जेल में बंद लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करना रहा। डीएम का जमीन पर बैठकर बंदियों से संवाद करना प्रशासन और आम लोगों के बीच सहज संवाद की तस्वीर के तौर पर सामने आया।

