खगड़िया में नगर निकाय चुनाव को लेकर जैसे आरक्षित सूची सामने आई है वैसे ही कई संभावित उम्मीदवारों के मंसूबों पर पानी फिर चुका है। गौरतलब है कि नगर परिषद खगड़िया के सभापति का सीट अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवार को मिला है जबकि उप सभापति पद के उम्मीदवार पिछड़ी जाति महिला के कोटे में गया है। ऐसे में पूर्व से अपनी अपनी उम्मीदवारी पेश करने वाले उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी है। इधर सीट आरक्षित होने के बाद कई चर्चाओं के बाजार गर्म हैं। खबर है कि नगर परिषद खगड़िया के सभापति पद के लिए दिवंगत जेडीयू दलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष स्व रामप्रताप पासवान के पुत्र दलित प्रकोष्ठ के पूर्व जिला अध्यक्ष अविनाश पासवान भी अपनी दावेदारी ठोक सकते हैं। ऐसे में अगर अविनाश इस चुनावी समर में कूदते हैं तो खगड़िया नगर निकाय चुनाव का गणित बदल सकता है।
खगड़िया के चर्चित लोगों में शुमार थे अविनाश के पिता
दिवंगत जेडीयू नेता रामप्रताप पासवान खगड़िया जिले के चर्चित नेताओं में शुमार थे। वे जेडीयू दलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष के आलावे जनवितरण प्रणाली संघ के भी जिला अध्यक्ष रहे थे। बीते वर्ष 2013 में उनकी उनकी हत्या अपराधियों के द्वारा कर दी गई थी।
अविनाश कर रहे हैं गोलबंदी
खबर है कि अविनाश पासवान अपनी दावेदारी के लिए गोलबंदी करने में जुटे हैं। उनके करीबियों की माने तो इसके लिए अविनाश कई दिग्गजों से संपर्क साधने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि वे तबतक अपनी उम्मीदवारी को सार्वजनिक नहीं करेंगे जबतक उनको इसके लिए सार्थक समर्थन हासिल नहीं हो जाता है। बरहाल नगर सभापति पद के लिए अविनाश पासवान अगर अपनी दावेदारी लाते हैं तो कई उम्मीदवारों के पसीने छूट सकते हैं।


