वैशाली। बिहार में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की गई। वैशाली स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याओं को सुना। ‘विद्यार्थी सहयोग’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनके समयबद्ध समाधान का अवसर मिलेगा। राज्य के स्कूलों एवं छात्रावासों में भी 25 अगस्त 2026 से इस अभियान की शुरुआत की जा रही है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके समाधान की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की शिकायतों को केवल दर्ज करना ही नहीं, बल्कि उनके समाधान की निगरानी भी सुनिश्चित करना है। विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार के स्तर से इस अभियान को विद्यार्थी-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाने की व्यवस्था की गई है।

