खगड़िया। बारिश के बाद नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र में जलजमाव ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सन्हौली, आवास बोर्ड रोड और कचहरी रोड की तस्वीरें बताती हैं कि कई जगह सड़क पर पानी जमा होने से आम लोगों का आवागमन प्रभावित है। पैदल राहगीरों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन भी जलजमाव के बीच आवाजाही करते नजर आ रहे हैं।
तीन इलाकों की तस्वीर, एक जैसी परेशानी
सन्हौली में सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा दिखाई दे रहा है। पानी में सड़क और आसपास की चीजों का प्रतिबिंब साफ नजर आ रहा है। स्थानीय आवागमन के लिए महत्वपूर्ण इस इलाके में जलजमाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
आवास बोर्ड रोड की तस्वीर में सड़क पर जमा पानी के बीच ई-रिक्शा और बाइक चलते दिखाई दे रहे हैं। सड़क के दोनों ओर दुकानें और मकान हैं, जिससे जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों को परेशानी होना स्वाभाविक है। गौरतलब है कि इसी इलाके के वार्ड-29 में हाल में सड़क निर्माण पूरा होने की खबर भी सामने आई थी।
कचहरी रोड पर भी सड़क के एक बड़े हिस्से में पानी जमा है। वाहन पानी के बीच से गुजर रहे हैं और सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों के आसपास भी पानी दिखाई दे रहा है।
सड़क बनी, लेकिन पानी की निकासी का सवाल कायम
नगर परिषद क्षेत्र में सड़क निर्माण और विकास कार्यों की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन बारिश के बाद जलजमाव की तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि सड़क के साथ जलनिकासी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
नगर परिषद खगड़िया की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शहरी निकाय की जिम्मेदारियों में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, स्वच्छता और सड़क जैसी नागरिक सुविधाओं का उल्लेख है।
बारिश के बाद यदि प्रमुख सड़कों पर पानी जमा रहता है और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, तो सिर्फ सड़क निर्माण से शहर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। जरूरत ऐसी व्यवस्था की है जिसमें बारिश के पानी की तत्काल निकासी हो और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
लोगों को चाहिए स्थायी समाधान
शहरवासियों की परेशानी का समाधान केवल जलजमाव हटाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। जलनिकासी नालों की सफाई, उनकी क्षमता की समीक्षा और जहां जरूरत हो वहां स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना जरूरी है।
NB18 की इन तस्वीरों में सवाल किसी एक सड़क का नहीं, बल्कि पूरे शहर की जलनिकासी व्यवस्था का है। बारिश के पानी के साथ गंदगी सड़कों पर जमा हो जाए और लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाए, तो नगर परिषद को इसका स्थायी समाधान तलाशना होगा।

