बबलू कुमार मंडल के नेतृत्व में संगठन का विस्तार; 47 उपाध्यक्ष, 99 महासचिव और 69 सचिव बनाए गए
नीतीश कुमार के कार्यकाल की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश, निशांत कुमार के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने का आह्वान
खगड़िया | NB18 ब्यूरो
जनता दल (यूनाइटेड) के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ ने बिहार में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में नई पहल की है। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने अनुमोदन के बाद 12 अक्टूबर 2026 को प्रदेश पदाधिकारियों और सभी 42 जिलों के जिलाध्यक्षों की सूची जारी की। घोषित सूची के अनुसार, प्रदेश कमेटी में 47 उपाध्यक्ष, 99 महासचिव और 69 सचिव बनाए गए हैं। इस तरह प्रदेश स्तर पर कुल 215 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई कमेटी के गठन के साथ पार्टी ने अतिपिछड़ा समाज के बीच जनसंपर्क बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन की पहुंच जिला स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया है।
नीतीश कुमार के कार्यकाल की उपलब्धियां पहुंचाने का टास्क
प्रदेश अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर काम करने का निर्देश दिया है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, सामाजिक न्याय से जुड़े प्रयासों और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
निर्देश के मुताबिक, पदाधिकारी अतिपिछड़ा समाज के लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। साथ ही पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर रहेगा।
निशांत कुमार के नेतृत्व में संगठन मजबूत करने का आह्वान
बबलू कुमार मंडल ने पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नेतृत्व में जदयू को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने संगठनात्मक एकजुटता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जनसंपर्क को कमेटी के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों से कहा कि संगठन में मिली जिम्मेदारी को जनसेवा और जनसंपर्क के माध्यम से निभाएं। प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक आपसी समन्वय बनाकर काम करें, ताकि पार्टी की गतिविधियों को गति मिल सके।
सभी जिलों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास
प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, नई टीम में बिहार के विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश और जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को सक्रिय करना तथा कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नई कमेटी के गठन से अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के कामकाज को नई गति मिलेगी। अब प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों के सामने संगठन विस्तार, जनसंपर्क और पार्टी की नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
एक नजर में संगठनात्मक गठन
– प्रदेश उपाध्यक्ष: 47
– प्रदेश महासचिव: 99
– प्रदेश सचिव: 69
– जिलाध्यक्ष: 42
– प्रदेश पदाधिकारियों की कुल संख्या: 215
