वोट चोरी और SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर इस्तीफे की मांग, प्रतिरोध सभा कर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की उठाई आवाज
परबत्ता। प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के कार्यकर्ताओं ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तोरण द्वार से जुलूस निकालकर थाना चौक पर पहुंचकर चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
प्रतिरोध सभा में उठाए चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे
पुतला दहन के बाद प्रतिरोध सभा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता AISF के जिला उपाध्यक्ष बिट्टू मिश्रा ने की। सभा को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य सह सचिव सुशील उमाराज ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की भी मांग की।
सुशील उमाराज ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए AISF के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश रंगाराज सहित छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को अस्वीकार्य बताया।
SIR को लेकर मतदाताओं के अधिकारों पर उठाए सवाल
AISF के जिला सचिव प्रशांत सुमन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मुद्दे ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा मतदाताओं के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र के साथ विश्वासघात किया है।
प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में मुकुंद कुमार, चार्ली आर्या, रितेश कुमार, नीतीश कुमार, प्रियव्रत चौधरी, ऋषि, मनीष, प्रिंस, रौशन, गौरव, पीयूष, शमशाद, मो. अफताब, सुमित, रोहित, सुधांशु, संदीप, दिलचंद और पुरुषोत्तम सहित दर्जनों छात्र शामिल हुए।
