जटाधर मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में हादसे के बाद कोहराम, ग्रामीणों ने भवन की सुरक्षा पर उठाए सवाल
खगड़िया/मानसी। मानसी प्रखंड की अमनी पंचायत स्थित जटाधर मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को सीढ़ी का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। सीढ़ी के मलबे की चपेट में आने से एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि चार छात्र-छात्राएं घायल हो गए। हादसे के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मृत छात्रा की पहचान अमनी पंचायत निवासी मनोज यादव की पुत्री रीतिका कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि विद्यालय में पढ़ाई के दौरान बच्चे मौजूद थे। इसी बीच अचानक सीढ़ी का हिस्सा गिर पड़ा और कई बच्चे इसकी चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल रीतिका को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चार बच्चे घायल, सदर अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल चार अन्य छात्र-छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल, खगड़िया में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
इधर, छात्रा की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए। स्कूल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और मातम का माहौल बना रहा।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल—स्कूल भवन की जांच हुई थी या नहीं?
हादसे के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं, उसकी सीढ़ी की मजबूती और भवन की स्थिति की नियमित जांच क्यों नहीं की गई?
अब सवाल उठ रहे हैं—
क्या विद्यालय भवन की समय-समय पर तकनीकी जांच हुई थी?
सीढ़ी कमजोर थी तो बच्चों के इस्तेमाल पर रोक क्यों नहीं लगाई गई?
भवन की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी?
क्या विद्यालय प्रबंधन या शिक्षा विभाग को भवन की खराब स्थिति की जानकारी थी?
जिले के अन्य सरकारी स्कूलों के पुराने भवनों की सुरक्षा जांच कब होगी?
ग्रामीणों ने पूरे विद्यालय भवन की तकनीकी जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। सीढ़ी किन परिस्थितियों में गिरी और हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार है या नहीं, इसकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक हादसा, कई सवाल
एक छात्रा की मौत और चार बच्चों के घायल होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर है। बच्चों की जान जोखिम में डालने वाली किसी भी संभावित लापरवाही की जांच के साथ यह भी देखना जरूरी है कि जिले के दूसरे सरकारी विद्यालयों में भी ऐसे भवन तो नहीं हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत या सुरक्षा जांच की जरूरत है।

