खगड़िया। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, खगड़िया के सभागार में भारत सरकार की ‘तेजस’ (Transforming Entrepreneurial Journey Across States) पहल के तहत जिला स्तरीय उद्यमिता एवं स्टार्टअप कार्यशाला आयोजित की गई। जिला उद्योग केंद्र, खगड़िया के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को स्टार्टअप, उद्यमिता, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवसायिक अवसरों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मणि भूषण एवं अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्टार्टअप फैकल्टी इंचार्ज प्रो. विशाल कुमार चौधरी ने कार्यक्रम के समन्वय एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मत्स्य पालन से लेकर कृषि तक, बताए उद्यम के अवसर
कार्यशाला में जिला मत्स्य पदाधिकारी लाल बहादुर साफी ने मत्स्य पालन क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मत्स्य आधारित व्यवसाय शुरू करने के अवसरों तथा उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया।
बैंक प्रतिनिधियों और जिला कृषि पदाधिकारी ने ऋण सुविधाओं, वित्तीय सहायता और कृषि आधारित उद्यम से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार एवं उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
DPIIT ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बताई स्टार्टअप इंडिया की योजनाएं
कार्यशाला में DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया की पहल, स्टार्टअप मान्यता, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास में स्टार्टअप की भूमिका पर प्रस्तुतीकरण दिया।
इस दौरान उद्यमिता की मूल अवधारणाओं, स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया, शुरुआती चुनौतियों, सरकारी योजनाओं, इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका और सफल स्टार्टअप की कहानियों पर भी चर्चा हुई।
स्थानीय उद्यमियों ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव
कार्यशाला में स्थानीय स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि स्थानीय संसाधनों, तकनीक और नवाचार को व्यावसायिक अवसर में बदलकर रोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मणि भूषण ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ‘नौकरी तलाशने वाला’ बनने के बजाय ‘नौकरी सृजित करने वाला’ बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और नवाचार को उद्यम में बदलने की दिशा में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला डेयरी विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी नोवा किंग, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रवेंद्र कुमार, जिला योजना कार्यालय से वेदानंद आनंद, जिला उद्योग केंद्र से नीतू कुमारी, विश्वनाथ झा एवं राकेश रंजन तथा महाविद्यालय के डॉ. नयन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

