चारदीवारी निर्माण में बाधा का आरोप, अपर समाहर्ता से लेकर डीएम कार्यालय तक पहुंचा मामला; बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चौथम (खगड़िया)। सरकारी स्कूल की जमीन पर कथित अतिक्रमण और परिसर की बदहाली को लेकर चौथम प्रखंड के ठूठी मोहनपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहनियां, थाना टोला का मामला एक बार फिर चर्चा में है। विद्यालय की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने और चारदीवारी निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय निवासी राज कुमार ने विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों में आवेदन दिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब दो वर्षों से इस समस्या को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।
चारदीवारी नहीं बनने से सुरक्षा पर सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की जमीन पर कुछ स्थानीय लोगों ने कथित रूप से कब्जा कर लिया है। इसके कारण चारदीवारी निर्माण में बाधा आ रही है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से जमीन की जांच कराकर कथित अतिक्रमण हटाने और विद्यालय परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
23 मार्च को अपर समाहर्ता कार्यालय में दिया आवेदन
शिकायत करता राज कुमार के अनुसार उन्होंने 23 मार्च 2026 को खगड़िया के अपर समाहर्ता कार्यालय में जन समाधान दिवस के दौरान शिकायत दी थी। अंचल अधिकारी, चौथम को दिए गए आवेदन में भी विद्यालय की जमीन की जांच, कथित अतिक्रमण हटाने और चारदीवारी निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
इसके बाद 22 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, खगड़िया के लोक सूचना पदाधिकारी के समक्ष RTI आवेदन देकर पूर्व की शिकायतों पर हुई कार्रवाई और उसकी प्रगति रिपोर्ट मांगी गई। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों में RTI का जवाब या जांच की अंतिम रिपोर्ट नहीं है। शिकायतकर्ता ने एनबी 18 को स्कूल परिसर का वीडियो भी भेजा है।
स्कूल की व्यवस्था पर भी सवाल
विद्यालय की जमीन और परिसर की सुरक्षा का मामला बच्चों के शैक्षणिक वातावरण से भी जुड़ा है। यदि परिसर में अतिक्रमण, गंदगी या मवेशियों की आवाजाही की शिकायत सही पाई जाती है, तो इसका असर विद्यालय की व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करे।
अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
विद्यालय की जमीन से जुड़ी शिकायत का निष्पक्ष समाधान और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।

