खगड़ियाधर्म

नवरात्र में आस्था की अनोखी मिसाल: 8 वर्षों से 70 किमी पैदल चलकर अगुवानी घाट का जल चढ़ा रहे मनोज बाबा

1 Mins read

बेलदौर संवाददाता। मां दुर्गा और भगवान महादेव के प्रति अटूट आस्था और विश्वास की अनोखी मिसाल पेश कर रहे खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत बोबिल गांव निवासी 26 वर्षीय मनोज कुमार उर्फ मनोज बाबा। वे लगातार आठ वर्षों से नवरात्र के दौरान अगुवानी घाट से जल भरकर करीब 70 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं और बेलदौर दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जलाभिषेक करते हैं। उनकी इस कठिन साधना और दृढ़ संकल्प की प्रखंड क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

मनोज बाबा नवरात्र में कलश स्थापना के दिन से नवमी तक प्रतिदिन अगुवानी घाट से जल लेकर रातभर पैदल चलते हैं। वे सुबह करीब 3:30 बजे बेलदौर दुर्गा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। इसके बाद श्रीपुर ठाकुरवाड़ी और बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर में भी जल चढ़ाते हैं।

12 घंटे में तय करते हैं 70 किलोमीटर की दूरी

मनोज बाबा की दिनचर्या उनकी आस्था और समर्पण को दर्शाती है। वे सुबह करीब 11 बजे एक गिलास दूध पीकर घर से बाइक से बेलदौर पहुंचते हैं। वहां से बस पकड़कर अगुवानी घाट जाते हैं। शाम करीब पांच बजे घाट से जल भरकर पैदल यात्रा शुरू करते हैं। लगभग 12 घंटे में 70 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह बेलदौर पहुंचते हैं और मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।

पूजा-अर्चना पूरी करने के बाद वे सुबह करीब सात बजे घर लौटते हैं। स्नान और लगभग ढाई घंटे आराम करने के बाद फिर दूध पीकर अगुवानी घाट के लिए रवाना हो जाते हैं। इस तरह नौ दिनों तक उनकी जलाभिषेक की परंपरा जारी रहती है।

2012 से सावन में भी निभा रहे परंपरा

मनोज बाबा की धार्मिक साधना केवल नवरात्र तक सीमित नहीं है। वे वर्ष 2012 से सावन के प्रत्येक सोमवार को सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर करीब 105 किलोमीटर पैदल चलकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करते आ रहे हैं। इस यात्रा में उन्हें 17 से 19 घंटे तक लगते हैं।

इसके अलावा प्रत्येक शुक्रवार को अगुवानी घाट से जल लेकर करीब 70 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाते हैं। पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर में जलाभिषेक करते हैं। छठ पूजा के दौरान अगुवानी घाट से जल भरकर बोबिल गांव स्थित छठ घाट पर उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा भी निभाते हैं।

आंधी-तूफान में भी नहीं डिगा विश्वास

मनोज बाबा ने वर्ष 2019 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अगुवानी घाट से जल लेकर बेलदौर दुर्गा मंदिर लौटने के दौरान रास्ते में तेज आंधी-तूफान और बारिश शुरू हो गई थी। मौसम इतना खराब था कि कई पेड़-पौधे उखड़कर दूर जा गिरे। इस दौरान उन्हें तेज प्यास लगी और आगे बढ़ना भी मुश्किल हो रहा था।

उनके अनुसार, घनघोर अंधेरे में अचानक एक व्यक्ति सामने आया, जिसने उनकी प्यास के बारे में पूछकर पानी पिलाया। मनोज बाबा बताते हैं कि पानी पीने के बाद उनमें फिर से चलने की ताकत आ गई। कुछ देर बाद वह व्यक्ति वहां दिखाई नहीं दिया। मनोज बाबा इस अनुभव को मां दुर्गा और महादेव की कृपा मानते हैं।

वे कहते हैं कि भगवान की कृपा और आस्था के बल पर ही वे वर्षों से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। जब तक सांस रहेगी, वे अपनी इस साधना को जारी रखने का प्रयास करेंगे। उनकी इस कठिन धार्मिक यात्रा और अटूट विश्वास की चर्चा क्षेत्र में हो रही है।

385 posts

About author
News Bihar 18 बिहार की खबरों का विश्वसनीय डिजिटल मंच। News Bihar 18 पर आपको बिहार की राजनीति, प्रशासन, विकास, शिक्षा, रोजगार, अपराध, सामाजिक सरोकार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें मिलती हैं। निष्पक्ष खबर • तथ्यपरक जानकारी • जनसरोकार 📍 बिहार की हर महत्वपूर्ण खबर पर हमारी नजर 🌐 newsbihar18.com
Articles

Leave a Reply

Install App