ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका, सेना से सेवानिवृत्ति पर पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने किया सम्मानित
खगड़िया। भारतीय सेना के चर्चित ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सूबेदार/एएम टेक (रेडार) इन्द्रदेव कुमार भूषण के 28 वर्षों के गौरवपूर्ण सैन्य जीवन को खगड़िया में सम्मानपूर्वक सलाम किया गया। पूर्व सैनिक संघ, खगड़िया के तत्वावधान में गौशाला रोड स्थित भूतपूर्व सैनिक संघ कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें भारतीय सेना से सेवानिवृत्ति पर सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। समारोह में पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उनके राष्ट्र सेवा के अद्वितीय योगदान की सराहना की।
31 जुलाई 2026 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए सूबेदार इन्द्रदेव कुमार भूषण ने कहा कि भारतीय सेना की वर्दी पहनकर मातृभूमि की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य रहा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर सैनिक का सर्वोच्च राष्ट्रधर्म है। उन्होंने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए युवाओं से अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज और युवाओं के बीच रहकर राष्ट्र निर्माण तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
सूबेदार इन्द्रदेव कुमार भूषण ने 27 जुलाई 1998 को भारतीय थल सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) शाखा में अपनी सेवा शुरू की थी। अपने 28 वर्षों के सैन्य जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अहम भूमिका अदा की। वे एमबीए (एचआर) एवं बीई (इलेक्ट्रॉनिक्स समकक्ष) की शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। पिछले 23 वर्षों से वे योग प्रशिक्षक के रूप में भी लोगों को स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूक करते आ रहे हैं।
उनका पैतृक निवास परबत्ता प्रखंड के सतीश नगर में है, जबकि वर्तमान में वे खगड़िया के भवानी नगर, हरदाशचक (पश्चिम) में निवास करते हैं। उनकी पत्नी सुधा कुमारी प्रधान शिक्षिका हैं।
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सूबेदार इन्द्रदेव कुमार भूषण का सैन्य जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्र रक्षा में उनके समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना पर पूरे खगड़िया को गर्व है। समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना करते हुए जोरदार तालियों के बीच उनका अभिनंदन किया।

