विवाद के बाद बाहरी युवकों के स्कूल में घुसने का आरोप, क्लासरूम का पंखा भी टूटा
खगड़िया। सदर प्रखंड की माड़र दक्षिणी पंचायत स्थित कन्या उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा का टेस्ट चल रहा था। इसी दौरान छात्रों के दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। घटना में दो युवक घायल हो गए। मारपीट के बाद स्कूल परिसर में तोड़फोड़ किए जाने और क्लासरूम का पंखा तोड़े जाने की बात भी सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
छात्रों के विवाद के बाद बढ़ा हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 11वीं के टेस्ट के दौरान छात्रों के बीच विवाद शुरू हुआ। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसके बाद कुछ बाहरी युवक भी विद्यालय परिसर में पहुंच गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मारपीट में दो युवकों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची।
डीईओ बोले- छात्र मारपीट करेगा तो डीईओ क्या करेगा?
मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र गौंड ने कहा, “छात्र मारपीट करेगा तो डीईओ क्या करेगा। सूचना मिली है। पुलिस भी पहुंची है। एफआईआर होगा और कार्रवाई होगी।”
पुलिस के स्तर पर मामले में प्राथमिकी और आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
स्कूल में बाहरी युवकों की एंट्री पर सवाल
विद्यालय के एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि स्कूल में बाहरी लोगों के घुसकर मारपीट करने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इसकी जानकारी शिक्षा अधिकारियों को दिए जाने का भी दावा किया गया है।
ऐसे में सवाल यह है कि जो युवक विद्यालय के छात्र नहीं हैं, वे स्कूल परिसर में कैसे पहुंच रहे हैं? विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग को इस पहलू पर भी ध्यान देना होगा।
6 कमरों में चल रहे 5 विद्यालय
माड़र के इसी भवन में कन्या उत्क्रमित माध्यमिक +2 विद्यालय, कन्या मध्य विद्यालय माड़र, प्राथमिक विद्यालय शर्माटोला, प्राथमिक विद्यालय रणखेत और प्राथमिक विद्यालय फकीर टोला संचालित हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि छह कमरों में पांच विद्यालयों की पढ़ाई होती है। जगह की कमी के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
एक तरफ 11वीं की परीक्षा के दौरान छात्रों के बीच मारपीट हुई, दूसरी तरफ विद्यालय की आधारभूत व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है।

