निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन का लिया जायजा, TLM और ‘PadhAI Mitra’ जैसे नवाचारों से बच्चों के सीखने की क्षमता बढ़ाने पर जोर
खगड़िया। सरकारी विद्यालयों में बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने और बच्चों में पढ़ने-लिखने तथा गणितीय समझ विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम ने खगड़िया के विद्यालयों का भ्रमण किया। इस दौरान निपुण भारत मिशन एवं बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN-Foundational Literacy and Numeracy) गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया। भ्रमण के दौरान शिक्षकों के प्रशिक्षण, कक्षा में अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के लिए किए जा रहे नवाचारी प्रयासों पर विशेष चर्चा हुई।
विद्यालय भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों ने शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के उपयोग तथा ‘PadhAI Mitra’ जैसे नवाचारी प्रयासों के माध्यम से बच्चों को सरल, सहज और रोचक तरीके से पढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करना और उन्हें निर्धारित शैक्षणिक स्तर तक पहुंचाने में मदद करना है।
बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर
निपुण भारत मिशन का प्रमुख उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी दक्षताओं को विकसित करना है। बच्चों की शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने के लिए कक्षा में गतिविधि आधारित शिक्षण, नियमित अभ्यास और बच्चों की सीखने की प्रगति का आकलन महत्वपूर्ण माना जाता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के विद्यालय भ्रमण के दौरान इन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक उपयोगी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण सामग्री और नवाचारी तरीकों के इस्तेमाल के महत्व से भी जोड़ा गया।
TLM और ‘PadhAI Mitra’ से सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने की पहल
विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) का उपयोग बच्चों को कठिन विषयों को आसानी से समझाने में सहायक होता है। वहीं, ‘PadhAI Mitra’ जैसे नवाचारी प्रयासों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी को बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों को कक्षा में लागू करने से बच्चों की समझ, अभ्यास और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के साथ मौजूद रहे। विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा के जरिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, खगड़िया के विद्यालयों में निपुण भारत मिशन और FLN गतिविधियों को प्रभावी बनाने की दिशा में यह भ्रमण शिक्षकों के प्रशिक्षण, नवाचार और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के प्रयासों को समझने का अवसर रहा। बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए ऐसी गतिविधियों का विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन अहम है।

