खगड़िया के पांच पंचायतों में जलनिकासी शुरू, पककर तैयार धान की कटाई और रबी फसलों की बुआई की जगी उम्मीद
बेलदौर (खगड़िया)। बेलदौर क्षेत्र में जलजमाव से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मधेपुरा जिले के रतवारा गांव के मछुआरों द्वारा डायनेज पर बांध बनाकर पानी का बहाव रोक दिए जाने से क्षेत्र के हजारों हेक्टेयर खेतों में पानी जमा था। इससे पककर तैयार धान की फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया था। साथ ही रबी फसलों की बुआई पर भी संकट मंडरा रहा था। किसानों की शिकायत पर जिला प्रशासन की पहल के बाद शनिवार को डायनेज पर बने बांध को तुड़वा दिया गया। इसके बाद खेतों में जमा पानी की निकासी शुरू हो गई है।
डायनेज का रास्ता बंद होने से सकरोहर के हरलख्खी चौर समेत कुर्बन, दिघौन, पचौत और इतमादी पंचायतों की करीब 2 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलजमाव की चपेट में थी। खेतों में कमर भर पानी जमा होने के कारण किसानों के सामने तैयार धान की फसल काटने की समस्या खड़ी हो गई थी। पानी के कारण मजदूर भी खेतों में धान की कटाई करने से कतरा रहे थे।
डीएम के निर्देश पर पहुंची मत्स्य विभाग की टीम
जलजमाव से परेशान किसानों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जलनिकासी की समस्या दूर करने के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद शनिवार को मत्स्य प्रसार पदाधिकारी विक्रम कुमार रतवारा डायनेज के समीप पहुंचे। इस दौरान दर्जनों किसान भी मौजूद थे।
बताया जाता है कि डायनेज पर बांध बनाए जाने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया था। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया। सहमति बनने के बाद डायनेज पर बनाए गए बांध को तुड़वा दिया गया। इसके बाद जलजमाव वाले इलाके का पानी तेजी से डायनेज के रास्ते कोसी नदी की ओर निकलने लगा।
20 बीघा में लगी धान की फसल पर मंडरा रहा था संकट
सुखायबासा के किसान हाजी मोकीम ने बताया कि ददरोजा मौजे में उनकी करीब 20 बीघा जमीन है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार थी, लेकिन डायनेज पर बांध बना दिए जाने के कारण खेतों में कमर भर पानी जमा हो गया था। ऐसे में धान की कटाई कराना मुश्किल हो रहा था। मजदूर भी पानी भरे खेतों में उतरने को तैयार नहीं थे।
उन्होंने बताया कि अब पानी की निकासी शुरू होने से किसानों को राहत मिली है। यदि खेतों से जल्द पानी निकल जाता है तो धान की कटाई के साथ आने वाले दिनों में मक्का की बुआई भी संभव हो सकेगी। इससे किसानों को दोहरी राहत मिलने की उम्मीद है।
रबी की खेती के लिए भी महत्वपूर्ण है जलनिकासी
धान की कटाई के बाद खेतों को रबी फसलों की बुआई के लिए तैयार करना जरूरी है। लेकिन लंबे समय से जलजमाव रहने के कारण किसान अगली फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे थे। अब डायनेज से पानी निकलने के बाद किसानों को उम्मीद है कि खेत समय पर सूख सकेंगे और वे रबी फसलों की बुआई कर पाएंगे।
मत्स्य प्रसार पदाधिकारी विक्रम कुमार ने बताया कि डायनेज पर बनाए गए बांध को तुड़वा दिया गया है। जलजमाव वाले इलाके में फंसा पानी तेजी से डायनेज के रास्ते कोसी नदी में जा रहा है। पानी की निकासी से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
