कैबिनेट में पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित; मुख्यमंत्री ने बिहार को मिली केंद्रीय राशि, पुलों, मेडिकल कॉलेजों और महिला सशक्तीकरण की योजनाओं का भी किया जिक्र
पटना । बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत की उम्मीद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाई लेवल डैम की डीपीआर लगभग पूरी होने की जानकारी दी है। कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम चल रहा है। कोसी, गंडक और गंगा समेत प्रमुख नदियों से जुड़ी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने बिहार में बाढ़ प्रबंधन और दीर्घकालिक समाधान की चर्चा को फिर केंद्र में ला दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई लेवल डैम के लिए डीपीआर का काम लगभग पूरा हो रहा है और संबंधित नदियों की परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे जल्द पूरा करने की बात कही। हालांकि, बयान में परियोजनाओं की निश्चित समयसीमा, निर्माण लागत और निर्माण शुरू होने की तारीख स्पष्ट नहीं की गई।
बाढ़ के सवाल पर सरकार का क्या है जवाब?
कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ का मुद्दा उठाया। सवाल में छपरा, गोपालगंज और दोनों चंपारण सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से स्थायी समाधान के लिए मिलने वाली सहायता पर जवाब मांगा गया।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सहायता मिलेगी और इस पर काम चल रहा है। उन्होंने हाई लेवल डैम की डीपीआर लगभग पूरी होने तथा कोसी, गंडक और गंगा से जुड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू होने की जानकारी दी।
बिहार के लिए इस घोषणा का महत्व इसलिए है, क्योंकि बाढ़ से निपटने के लिए केवल राहत एवं बचाव अभियान पर्याप्त नहीं होते। दीर्घकालिक समाधान के लिए नदी प्रबंधन, तटबंधों की स्थिति, जल निकासी, बांधों और अंतरराज्यीय समन्वय जैसे पहलुओं पर भी काम करना पड़ता है।
अब नजर डीपीआर से आगे की प्रक्रिया पर रहेगी। परियोजनाओं की मंजूरी, वित्तीय प्रावधान, निर्माण की समयसीमा और प्रभावित क्षेत्रों को मिलने वाले लाभ से ही इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन हो सकेगा।
पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर कैबिनेट का अभिनंदन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके अभिनंदन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किया। बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
पहले प्रस्ताव के तहत सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के लिए प्रधानमंत्री का बिहार मंत्रिपरिषद और राज्य की जनता की ओर से अभिनंदन किया गया।
दूसरे प्रस्ताव में पिछले 12 वर्षों के दौरान बिहार के सर्वांगीण विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
तीसरे प्रस्ताव में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार को विकसित भारत 2047 के निर्माण में अग्रणी भागीदार बनाने का संकल्प जताया गया। मुख्यमंत्री ने निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन को राज्य के विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया।
बिहार को 12 साल में करीब 13 लाख करोड़ रुपये मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र से बिहार को मिली राशि की तुलना करते हुए कहा कि 2013-14 तक के दस वर्षों में बिहार को लगभग 2.67 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान करीब 13 लाख करोड़ रुपये सीधे बिहार सरकार को मिले।
उन्होंने इसे राज्य में विकास परियोजनाओं के विस्तार से जोड़ते हुए कई सड़क, रेल और पुल परियोजनाओं का उल्लेख किया। इनमें कोसी रेल सेतु, जेपी सेतु, मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल, गांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर का काम और मोकामा में सिक्स लेन पुल जैसी परियोजनाएं शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बिहार में आठ पुल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें बक्सर, सोनपुर, शेरपुर-दिघवारा और भागलपुर के आसपास प्रस्तावित या निर्माणाधीन पुलों का उल्लेख किया गया। बेगूसराय-सुजघड़ा के बीच सिक्स लेन पुल की प्रक्रिया तथा गांधी सेतु के समानांतर एक अन्य पुल का भी जिक्र हुआ।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। हालांकि, प्रत्येक परियोजना की मौजूदा स्थिति और समयसीमा की अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से 31 होने की जानकारी
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 2012-13 के दौरान 13 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या 2026-27 तक 31 हो गई है। उन्होंने एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,310 से बढ़कर 4,710 होने की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है। दरभंगा में एम्स परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने लगभग 2,000 करोड़ रुपये से भवन निर्माण शुरू किए जाने की बात कही।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को राज्य में इलाज की उपलब्धता और मेडिकल शिक्षा के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। इन आंकड़ों के साथ कॉलेजवार संचालन की स्थिति और उपलब्ध सीटों का आधिकारिक विवरण भी महत्वपूर्ण होगा।
1.21 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन देने का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने केंद्र की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में जनधन योजना के तहत 7.05 करोड़ से अधिक लोगों के खाते खोले गए। उज्ज्वला योजना के तहत 1.21 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिलने की जानकारी दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 55 लाख आवासों का निर्माण हुआ है और वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 11.25 लाख अतिरिक्त पक्के मकानों के लिए राशि उपलब्ध कराई गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालय निर्माण और गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त अनाज दिए जाने का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार में करीब 8.57 करोड़ जरूरतमंद लोगों को मुफ्त अनाज योजना का लाभ मिल रहा है। इन आंकड़ों को संबंधित योजनाओं के नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों से मिलान कर देखना आवश्यक है।
महिला रोजगार और लखपति दीदी योजना पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को लेकर कहा कि बिहार में 50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में सीधे राशि पहुंचाए जाने का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रीय स्तर पर महिला आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा वंचित वर्गों को अवसर उपलब्ध कराना विकास की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
नालंदा, बोधगया, एयरपोर्ट और सड़क परियोजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय, बोधगया कॉरिडोर, विष्णुपद मंदिर, कोसी-मेची लिंक परियोजना और विभिन्न एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया। उन्होंने पटना एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए लगभग 1,200 करोड़ रुपये दिए जाने की बात कही।
दरभंगा, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर सहित अन्य हवाई अड्डों की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार में हवाई संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। इन परियोजनाओं की समयसीमा और संचालन संबंधी स्थिति के लिए संबंधित विभागों की ताजा जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
विकसित भारत 2047 में बिहार की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब बिहार इसमें मजबूत भागीदार बनेगा। उन्होंने निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन को राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव के साथ राज्य के विकास में केंद्र के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। वहीं, पत्रकारों के सवाल पर हाई लेवल डैम और प्रमुख नदियों से जुड़ी परियोजनाओं की डीपीआर का उल्लेख बिहार के लिए बाढ़ प्रबंधन के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बनाता है।
