खगड़िया। मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त ने बुधवार को सदर अनुमंडल कार्यालय, खगड़िया का निरीक्षण कर प्रशासनिक कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों और आम लोगों से जुड़े मामलों के निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली।
आयुक्त ने न्यायालयीन वादों, राजस्व कार्यों, निर्वाचन से संबंधित तैयारियों तथा नीलाम पत्र शाखा के कार्यों की भी बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति पूछते हुए उनके निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा गया कि कार्यालय से जुड़े सभी कार्यों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
अभिलेखों के रखरखाव और लंबित मामलों पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने विभिन्न अभिलेखों का अवलोकन किया और कार्यालयी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है। ऐसे में लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाए और संबंधित पदाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें।
राजस्व एवं नीलाम पत्र शाखा से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए भी उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने और मामलों को समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने का निर्देश दिया।
डीएम कार्यालय सूत्रों की मानें तो आयुक्त ने की डीएम के कार्यों की सराहना
डीएम कार्यालय की मानें तो निरीक्षण के दौरान मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त ने जिलाधिकारी विक्रम विरकर के नेतृत्व में जिले में चल रहे प्रशासनिक कार्यों और उनकी मॉनिटरिंग की सराहना की। कार्यालय के अनुसार, जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों की निगरानी और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर आयुक्त ने सकारात्मक रुख जताया।
डीएम कार्यालय के अनुसार, जिलाधिकारी स्तर से योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की लगातार समीक्षा किए जाने तथा अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों के निष्पादन के लिए निर्देशित किए जाने को भी सकारात्मक माना गया। आयुक्त ने प्रशासनिक व्यवस्था में इसी तरह बेहतर समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निष्पादन बनाए रखने पर जोर दिया।
साथ ही लोगों से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन और कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर भी जिला प्रशासन के स्तर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
निर्वाचन और राजस्व कार्यों की भी हुई समीक्षा
आगामी निर्वाचन से जुड़े कार्यों की तैयारियों की भी जानकारी ली गई। निर्वाचन संबंधी अभिलेख, कार्यों की प्रगति और संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई। वहीं राजस्व मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नीलाम पत्र शाखा में लंबित मामलों की भी जानकारी ली गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं करने और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया।
अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्य का निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनकी समस्याओं और आवेदनों का नियमानुसार समय पर निष्पादन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कार्यालयी रिकॉर्ड को अद्यतन रखने, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी खगड़िया विक्रम विरकर, पुलिस उपाधीक्षक भानु प्रताप सिंह सहित अनुमंडल कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त के निरीक्षण को अनुमंडल स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

