अलौली में मारपीट का वीडियो वायरल, महिला के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज; युवक के पिता का दावा—बेटे को पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी, थानाध्यक्ष बोले—कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
खगड़िया | NB18। बिहार के खगड़िया जिले के अलौली थाना क्षेत्र में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर महिला और पुरुष के साथ मारपीट का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में महिला के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने अपने आवेदन में छह लोगों के नाम बताए हैं। वहीं, युवक के पिता ने भी थाने में आवेदन देकर दावा किया है कि उनके बेटे को घटना से पहले भी जान से मारने की धमकी मिली थी।
बताया जा रहा है कि युवक महिला से मिलने उसके ससुराल पहुंचा था। इसी दौरान परिवार के लोगों को इसकी जानकारी मिली और विवाद के बाद मारपीट हुई। वायरल वीडियो में कमरे के भीतर कई लोग महिला और पुरुष को घेरकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल फोन से घटना की रिकॉर्डिंग करते भी नजर आते हैं।
स्थानीय स्तर पर दोनों के शादीशुदा होने की चर्चा है। महिला के दो और युवक के तीन बच्चे होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
महिला ने आवेदन में छह लोगों के नाम बताए
इस मामले में महिला की ओर से थाने में आवेदन दिया गया है, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने अपने आवेदन में छह लोगों के नाम बताए हैं। अब पुलिस के सामने आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच करने और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
यह जांच भी महत्वपूर्ण होगी कि मारपीट किस परिस्थिति में हुई, वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों में कौन-कौन शामिल था और घटना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
युवक के पिता का आवेदन, पहले धमकी मिलने का दावा
दूसरी ओर, युवक के पिता ने भी थाने में आवेदन देकर कहा है कि उनके बेटे को पहले भी जान से मारने की धमकी मिली थी। पिता के आवेदन में किया गया यह दावा जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हालांकि, धमकी कब और किसने दी थी तथा उसका इस घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
दोनों पक्षों से आवेदन मिलने के बाद मामले की सभी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। किसी भी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच के बिना अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
दो दिन पुराना बताया जा रहा वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को दो दिन पहले का बताया जा रहा है। वीडियो में महिला और पुरुष के साथ मारपीट के दृश्य दिखाई देते हैं। हालांकि, वीडियो की सटीक तारीख और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
वीडियो में दिखाई देने वाली घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि किसी विवाद के दौरान लोगों को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार कैसे मिल सकता है। किसी के निजी संबंधों को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन मारपीट करना कानून का विकल्प नहीं है।
थानाध्यक्ष कृष्णा यादव बोले—कानून हाथ में लेने वालों को नहीं बख्शेंगे
अलौली थानाध्यक्ष कृष्णा यादव ने बताया कि महिला के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब पुलिस जांच में महिला के आवेदन में नामजद लोगों की भूमिका, युवक के पिता की ओर से लगाए गए धमकी के आरोप और वायरल वीडियो की सत्यता महत्वपूर्ण होगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ के फैसले से नहीं, कानून से तय होगी कार्रवाई
अलौली की यह घटना केवल कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठाती है कि किसी व्यक्ति को घेरकर मारपीट करने और खुद ही सजा देने की कोशिश करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी।
आरोप चाहे जिस तरह के हों, किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पुलिस को दोनों पक्षों के आवेदनों और वीडियो की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
