खगड़िया | NB18 संवाददाता
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर खगड़िया में किसान, खेतिहर मजदूर और ट्रेड यूनियन संगठनों ने विरोध मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन और भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी विरोध के तहत किया गया। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के कारण खगड़िया में इसे पहले आयोजित किया गया।
सीपीआईएम कार्यालय से निकला मार्च, हॉस्पिटल चौक पर पुतला दहन
प्रतिरोध मार्च सीपीआईएम के जिला कार्यालय से शुरू होकर बीएसएनएल कार्यालय तक पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस हॉस्पिटल चौक पहुंचे, जहां सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में किसान, खेतिहर मजदूर, ट्रेड यूनियन, महिला और युवा संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
संजय कुमार बोले- मताधिकार की रक्षा के लिए जारी रहेगा संघर्ष
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव संजय कुमार ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलनों को पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है।
संजय कुमार ने कहा कि आंदोलन केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे या गिरफ्तारी की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारियों से जनसंघर्ष को रोका नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, मताधिकार की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
एसआईआर रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निरस्त करने और पूर्व की मतदाता सूची की वैधता बहाल करने की मांग उठाई। उन्होंने एसआईआर के आधार पर कराए गए चुनावों को रद्द कर पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग भी की।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून में बदलाव कर पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल करने की मांग की, जिसमें प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका शामिल थी।
संजय कुमार ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन में सीधे शामिल होने के ऐलान से किसान, खेत मजदूर और ट्रेड यूनियन संगठनों की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि 23 अक्टूबर से आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी है।
1 नवंबर की दिल्ली रैली में खगड़िया से जाएंगे सैकड़ों लोग
संजय कुमार ने बताया कि 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली में खगड़िया से सैकड़ों लोगों के शामिल होने की योजना है। इस संबंध में सीपीआईएम खगड़िया जिला कमेटी की बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
कई किसान और मजदूर संगठन के नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में खेतिहर मजदूर यूनियन के राज्य नेता सुरेंद्र प्रसाद महतो, किसान सभा के जिला अध्यक्ष हरेराम चौधरी, सचिव विनय कुमार सिंह, बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन चौधरी, सचिव रामविनय सिंह, सीटू नेता विजय कुमार सिंह और संजीव कुमार शामिल हुए।
इसके अलावा जनवादी महिला समिति की जिला सचिव नीतू देवी, किसान नेता कुंदन मेहता, अनिल वर्मा, अधिवक्ता शिवजी महतो, अजहर अंजुम, मिथलेश केसरी, अमर कुमार यादव, राजेंद्र वर्मा, रामविलास वर्मा, माला देवी, सरवन साह, युवा नेता रजनीश कुमार, जनवादी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष मनजीत कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और संबंधित नेताओं पर लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों के वक्तव्य पर आधारित हैं।
