खगड़िया। नगर परिषद खगड़िया की कार्यप्रणाली और शहर की बदहाल व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इस बीच नगर सभापति अर्चना कुमारी के पति ज्योतिष मिश्रा, शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह और राजद नेता नीरज कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में हैं।
ज्योतिष मिश्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में अर्चना कुमारी के नगर सभापति चुने जाने का उल्लेख करते हुए शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह के सहयोग और समर्थन के लिए सम्मान जताया है। उन्होंने लिखा कि “आपके सहयोग और समर्थन के माध्यम से ही अर्चना कुमारी जी नगर सभापति बन सकीं।” पोस्ट में उन्होंने नगर के लिए अपने कार्यकाल के दौरान पूरी क्षमता से काम करने और आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही।
इससे पहले शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह ने भी अर्चना कुमारी के नगर सभापति चुनाव में समर्थन किया था। जिनपर भरोसा कर उनके समर्थन के बाद अर्चना कुमारी के पक्ष में लोगों की लामबंदी हुई और चुनाव में उन्हें जीत मिली थी।
इसी संदर्भ में ज्योतिष मिश्रा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। यदि लोगों को लगता है कि वह ठीक से काम नहीं कर रहे हैं या उनकी वजह से किसी को परेशानी है तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने पद से अधिक नगर और नगरवासियों के हित में ईमानदारी तथा मेहनत से काम करने को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि इस पूरे प्रकरण पर अभीतक नगर सभापति अर्चना कुमारी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वहीं, शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह ने नगर परिषद की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “अब लगता है नगर परिषद खगड़िया की बेलगाम व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़क पर उतरना ही एक मात्र विकल्प है।” उनके पोस्ट में नगर की व्यवस्था में सुधार के लिए आंदोलन की जरूरत का संकेत दिया गया है।
राजद नेता नीरज कुमार का भी तंज
इधर राजद नेता नीरज कुमार ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसा है। उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और नगर परिषद से जुड़े कार्यों में कथित खरीद और खर्च को लेकर सवालिया अंदाज में टिप्पणी की है।
नीरज कुमार ने अपने पोस्ट में ज्योतिष मिश्रा और मनीष कुमार सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है।
एक ही घटनाक्रम पर सामने आए इन सोशल मीडिया पोस्टों ने नगर परिषद खगड़िया की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ सभापति के पति की ओर से इस्तीफे तक की पेशकश की गई है, दूसरी तरफ कभी सभापति के समर्थन में रहे शिक्षक नेता अब नगर परिषद की व्यवस्था में सुधार के लिए सड़क पर उतरने की बात कह रहे हैं। वहीं राजद नेता के तंज ने इस विवाद को राजनीतिक रंग भी दे दिया है।
अब सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच नगर परिषद की सड़क, नाला, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर जिम्मेदार पक्ष क्या ठोस कदम उठाते हैं।

