खगड़िया। जिले में कोसी और गड़क नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ने लगी है। परबत्ता, गोगरी, मानसी और बेलदौर प्रखंड के कई गांवों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि बेलदौर में चारे की कमी के बीच पशुपालक मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
परबत्ता में कई पंचायतों के गांव प्रभावित
परबत्ता प्रखंड में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर कई पंचायतों में दिखाई दे रहा है। कवेला पंचायत के डुमरिया खुर्द स्थित जागृति टोला में करीब 500 से 1,000 की आबादी प्रभावित क्षेत्र में बताई जा रही है।
माधवपुर पंचायत के मुरादपुर और माधवपुर गांव आंशिक तथा विष्णुपुर पूर्ण रूप से प्रभावित बताया गया है। जोरावरपुर पंचायत का गोरियासी आंशिक और कज्जलवन पूर्ण रूप से प्रभावित है। कज्जलवन की आबादी करीब 1,000 से 1,200 के बीच बताई गई है।
दरियापुर भेलवा पंचायत का एक वार्ड प्रभावित है। लगार पंचायत के 10 वार्ड, कुल्हरिया पंचायत के तीन और भरसों पंचायत के सात वार्ड आंशिक रूप से प्रभावित बताए गए हैं। सौढ़ उत्तरी एवं दक्षिणी पंचायत क्षेत्र के डयोढ़ी और भरतखंड में भी पानी का आंशिक असर बताया गया है।
गोगरी के कई पंचायत क्षेत्रों में पानी का असर
गोगरी प्रखंड की ईटहरी, रामपुर, गोगरी, वोरना और बन्नी पंचायत के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ का असर सामने आया है। वहीं गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 के मीरगंज तथा वार्ड संख्या 19 के शारदा नगर-उसरी क्षेत्र को भी प्रभावित इलाकों में बताया गया है।
जलस्तर बढ़ने के साथ निचले क्षेत्रों में जलजमाव और आवागमन की समस्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मानसी में कोसी और गड़क नदी से बढ़ी चिंता
मानसी प्रखंड में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से अमनी पंचायत का हियातपुर गांव गंभीर रूप से प्रभावित बताया गया है। गांव की आबादी एक हजार से अधिक है। ग्रामीणों के अनुसार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों के आसपास और बहियार में पानी फैलने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इधर, गड़क नदी के बढ़ते जलस्तर से मानसी नगर पंचायत के मटहानी के बिना सुरक्षा बांध वाले टोले और जालिम बाबू टोला के निचले हिस्से में पानी का असर बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि जलस्तर और बढ़ने पर इन दोनों मोहल्लों का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है। दोनों क्षेत्रों की संयुक्त आबादी करीब 1,500 से अधिक बताई गई है।
बेलदौर में कोसी का बढ़ता पानी, पशुपालकों की बढ़ी परेशानी
बेलदौर प्रखंड में सीमावर्ती मधेपुरा जिले की ओर से पानी आने के बाद भोजू टोल, ददरोजा और सठमा समेत कई गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। चारे की कमी के कारण पशुपालक मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
बारूण, गांधीनगर, बलैठा, मुनी टोल, पचाठ और बाना मोड़ में भी पानी फैलने की सूचना है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है।
बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रामीण इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समय रहते राहत-बचाव की व्यवस्था करने की जरूरत बढ़ गई है।

