समय पर मजदूरी, न्यूनतम वेतन, पहचान और सुरक्षा समेत कई मांगें; 2 सितंबर को पदयात्रा, 3 सितंबर को कैंडल मार्च
खगड़िया। नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के 22 वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। राष्ट्रीय सफाई कर्मी एकता मंच के बैनर तले सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन का दावा है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू होने के बाद सफाई कर्मियों का आर्थिक और मानसिक शोषण बढ़ा है।
सफाई कर्मियों का कहना है कि वे बारिश, ठंड और गर्मी की परवाह किए बिना शहर की सफाई व्यवस्था को संभालते हैं। घरों से कचरा उठाने से लेकर नाली और गटर की सफाई तक का काम करते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें समय पर भुगतान, न्यूनतम मजदूरी, पहचान पत्र और काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
‘मेहनत हम करते हैं, लेकिन सम्मान और पैसा नहीं मिलता’
सफाई कर्मियों ने नगर परिषद प्रशासन और आउटसोर्सिंग ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मियों को उनके श्रम के अनुरूप भुगतान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संगठन ने कहा कि दुर्घटना या काम के दौरान किसी सफाई कर्मी की मौत होने की स्थिति में भी सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
संगठन ने कहा कि सफाई कर्मी समाज के हर वर्ग के घर और शहर की गंदगी साफ करते हैं, लेकिन स्वयं उन्हें सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
2 सितंबर को पदयात्रा, 3 सितंबर को कैंडल मार्च
सफाई कर्मियों ने आंदोलन के अगले चरण का रूट भी जारी किया है।
2 सितंबर 2026: माल गोदाम रोड से पदयात्रा शुरू होगी। राजेंद्र चौक होते हुए गौशाला रोड के रास्ते समाहरणालय तक पहुंचने का कार्यक्रम है।
3 सितंबर 2026: शाम 6:30 बजे समाहरणालय से राजेंद्र चौक तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
संगठन ने कहा है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
मुख्य मांगें
समय पर मजदूरी का भुगतान
न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग
सफाई कर्मियों का पहचान पत्र
काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
दुर्घटना अथवा मौत की स्थिति में उचित सुरक्षा एवं सहायता
आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कथित शोषण पर रोक
सफाई कर्मियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण
सफाई कर्मियों के आंदोलन के कारण नगर परिषद क्षेत्र के 22 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। अब देखना होगा कि नगर परिषद प्रशासन सफाई कर्मियों की मांगों पर क्या पहल करता है।

