खगड़िया से पटना तक आवाज बुलंद करने की तैयारी, गैरमजरूआ आम-खास जमीन के मुद्दे पर किसानों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
खगड़िया। जमीन की रसीद, भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (एलपीसी) और खरीद-बिक्री पर रोक से जुड़ी समस्याओं को लेकर खगड़िया के किसानों ने अब अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों ने 5 नवंबर 2026 को महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें सांसद राजेश वर्मा सहित जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को आमंत्रित किए जाने की संभावना है। महापंचायत में किसान अपनी समस्याएं रखेंगे और उनके समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों से ठोस पहल की मांग करेंगे।
रविवार को शहर के एक फार्म हाउस में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे प्रमुख किसानों की बैठक हुई। बैठक में गैरमजरूआ आम और गैरमजरूआ खास जमीन की रसीद जारी करने, एलपीसी निर्गत करने तथा जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। किसानों ने इन मुद्दों को लेकर एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का संकल्प लिया।
सांसद से मिल चुका है किसानों का प्रतिनिधिमंडल
बैठक की अध्यक्षता कर रहे शैलेंद्र कुमार वर्मा, मोहम्मद नौसाद अली और सरपंच सोगारथ यादव ने बताया कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल सांसद राजेश वर्मा से मिलकर जमीन संबंधी समस्याओं से उन्हें अवगत करा चुका है। उनके अनुसार, सांसद ने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याएं उठाकर समाधान के लिए पहल करने का आश्वासन दिया है।
किसानों का कहना है कि अब वे अपनी समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाना चाहते हैं। प्रस्तावित महापंचायत में जनप्रतिनिधियों के सामने मांगें रखी जाएंगी और समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जाएगी।
खगड़िया से पटना तक आंदोलन की तैयारी
बैठक में किसानों ने निर्णय लिया कि समस्याओं के समाधान के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर खगड़िया से पटना तक अपनी मांगों को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
लोजपा (आर) के प्रवक्ता सह किसान नेता आशुतोष कुमार ने कहा कि कुछ लोग किसान नेता बनकर किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निजी स्वार्थ साधने में लगे हैं। उन्होंने किसानों से ऐसे लोगों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
वहीं, अखिलेश कुमार, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार सिंह, राहुल कुमार और मोहम्मद सऊद आलम सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि किसानों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से विवाद करना नहीं, बल्कि जमीन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान कराना है। इसके लिए वे अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
महापंचायत में उठेंगे जमीन से जुड़े अहम सवाल
किसानों की प्रमुख मांगों में गैरमजरूआ आम-खास जमीन की रसीद जारी करने, एलपीसी निर्गत करने और जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से संबंधित समस्याओं का समाधान शामिल है। किसानों को उम्मीद है कि महापंचायत के माध्यम से उनकी समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों का रुख स्पष्ट होगा और सरकार के स्तर पर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बैठक में विजेंद्र राय, अजय कुमार यादव, गंगाधर यादव, बबलू कुमार, मो. मोख्तार आलम, पवन दास, मो. जमशेद आलम, मो. कमाल उद्दीन, रामबदन यादव, सुभाष मिस्त्री और कैलाश शर्मा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों किसान मौजूद थे।
