राजाजान में पिता-पुत्र पर बरसी थीं गोलियां, इकलौते बेटे अंकित की मौके पर मौत; पूर्व उपप्रमुख अशोक पोद्दार भी हुए थे घायल
खगड़िया। मानसी थाना क्षेत्र के राजाजान (धर्मचक) गांव में 17 नवंबर 2024 की रात हुए चर्चित अंकित कुमार हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। खगड़िया व्यवहार न्यायालय के विशेष न्यायाधीश, उत्पाद न्यायालय प्रथम श्री पुष्पम कुमार झा ने शनिवार, 5 सितंबर को मामले के मुख्य अभियुक्त अर्जुन यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने BNS की धारा 103(1) एवं 109 के तहत आजीवन कारावास के साथ एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत 5 वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
छठ में घर आया था अंकित, रात में गोलियों से छलनी कर दिया
17 नवंबर 2024 की रात राजाजान (धर्मचक) गांव गोलियों की आवाज से दहल उठा था। अपराधियों ने पूर्व उपप्रमुख अशोक कुमार पोद्दार और उनके पुत्र अंकित कुमार को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। ताबड़तोड़ फायरिंग में अंकित को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके पिता अशोक कुमार पोद्दार भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
22 वर्षीय अंकित मुंबई में रहकर एक्टिंग की पढ़ाई कर रहा था। छठ पूजा को लेकर वह अपने घर आया था। लेकिन त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं और परिवार ने अपना इकलौता बेटा खो दिया।
50 हजार का इनाम, पुलिस ने दबोचा था मुख्य आरोपी
हत्याकांड के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। मुख्य आरोपी अर्जुन यादव पर पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में मानसी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में कुल 6 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त अर्जुन यादव को दोषी पाया और अब उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
पुरानी रंजिश में पिता-पुत्र पर हमला
मामले की पृष्ठभूमि में पड़ोसी के साथ चल रही पुरानी रंजिश और आपसी विवाद की बात सामने आई थी। इसी विवाद के बाद पिता-पुत्र को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने का आरोप था। घटना के बाद घायल अशोक कुमार पोद्दार को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था।
अभियोजन ने रखे साक्ष्य, बचाव पक्ष ने भी रखा अपना पक्ष
मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक उत्पाद प्रियरंजन कुमार ने न्यायालय में अभियोजन का पक्ष रखा। वहीं अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र प्रसाद ने बचाव पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने मुख्य अभियुक्त अर्जुन यादव को दोषी मानते हुए सजा का ऐलान किया।
दो साल से चल रही कानूनी लड़ाई में अब अदालत के फैसले ने अंकित के परिवार को न्याय की उम्मीद दी है। राजाजान की उस रात की गोलीबारी में एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया था, अब अदालत के फैसले ने उस हत्याकांड पर कानूनी रूप से एक बड़ा अध्याय बंद किया है।

