खगड़िया। परबत्ता थाना क्षेत्र में 81.450 लीटर विदेशी शराब बरामदगी से जुड़े मामले में पटना हाईकोर्ट ने खगड़िया के सलारपुर निवासी उत्तम कुमार को अग्रिम जमानत दी है। न्यायमूर्ति राजीव रॉय की एकल पीठ ने यह आदेश 2 सितंबर 2026 को पारित किया।
मामला परबत्ता थाना कांड संख्या 259/2026 का है, जो बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार 30 जून को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक खुले खेत से 81.450 लीटर विदेशी शराब बरामद की थी।
खुले खेत से बरामदगी बनी जमानत का अहम आधार
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ब्रजेश वर्मा ने अदालत में दलील दी कि शराब किसी बंद परिसर या आरोपी के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिली, बल्कि खुले खेत से बरामद हुई थी। बचाव पक्ष ने पटना हाईकोर्ट के फुल बेंच के राम विनय यादव बनाम बिहार राज्य फैसले का भी हवाला दिया।
अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी के पूर्व आपराधिक इतिहास का उल्लेख किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, पूर्व फैसले और खुले खेत से हुई बरामदगी की परिस्थितियों पर विचार किया।
₹15 हजार DLSA में जमा होंगे, कोर्ट परिसर में लगेंगे गमले
जमानत की सबसे खास शर्त यह रही कि आरोपी ₹15 हजार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), खगड़िया में जमा करेगा। आदेश के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल खगड़िया जजशिप के सिविल कोर्ट परिसर में फूलों के गमले लगाने के लिए किया जाएगा।
राशि स्थानीय SBI शाखा से डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा की जानी है। इसके बाद खर्च की रसीद DLSA की ओर से ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।
₹10 हजार के बॉन्ड पर मिलेगी राहत
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण की स्थिति में आरोपी को चार सप्ताह के भीतर ₹10 हजार का जमानत बॉन्ड और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे।
छह महीने तक हर पखवाड़े थाने में हाजिरी
अग्रिम जमानत के साथ आरोपी को छह महीने तक हर पखवाड़े संबंधित थाने में हाजिरी देनी होगी। उसे जांच में सहयोग करना होगा और अदालत की प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।
गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या दोबारा अपराध में शामिल होने पर जमानत रद्द कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

