नशे में हंगामा करने की सूचना पर साई मंदिर के पास से नगर थाना पुलिस ने दबोचा। चालक समेत दो गिरफ्तार, मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि
लखीसराय / खगड़िया
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच कानून का राज स्थापित करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों के कंधों पर है, वही अधिकारी जब खुद जाम छलकाते पकड़े जाएं तो सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसा ही एक मामला लखीसराय से सामने आया है, जहां खगड़िया सदर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (Block Supply Officer) दीपक कुमार भारद्वाज को पुलिस ने शराब के नशे में गिरफ्तार किया है।
घटना क्या है
घटना गुरुवार देर शाम की है। लखीसराय नगर थाना को सूचना मिली कि कार्यानंद नगर स्थित साई मंदिर के समीप एक सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार सवार व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहा है।
सूचना मिलते ही नगर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देख कार में बैठे लोग भागने लगे। पुलिस ने कार को घेर कर तलाशी ली तो कार के अंदर से अंग्रेजी शराब की बोतलें मिलीं।
पुलिस ने कार में सवार दो लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में एक की पहचान खगड़िया सदर के BSO दीपक कुमार भारद्वाज, पिता- स्व. रामानंद प्रसाद, निवासी- लखीसराय के रूप में हुई। दूसरा व्यक्ति बेगूसराय निवासी दीपक कुमार है, जो कार चला रहा था।
इतनी शराब बरामद
पुलिस ने कार की डिक्की और सीट के नीचे से कुल 11 बोतल शराब बरामद की है, जिसमें 5 बोतल प्रीमियम विदेशी शराब (750 ML) और 6 केन बियर शामिल हैं। सभी बोतलों को जब्त कर थाना लाया गया है।
दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल लखीसराय भेजा गया, जहां ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई है।
पुलिस क्या कह रही है
नगर थानाध्यक्ष ने बताया, “सार्वजनिक स्थल पर नशे में हंगामा करने की सूचना पर कार्रवाई की गई। कार से 5 बोतल विदेशी शराब और 6 केन बियर बरामद हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।”
आरोपी का पक्ष
वहीं गिरफ्तार BSO दीपक भारद्वाज ने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने पुलिस पर और स्थानीय लोगों पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शराब उनकी नहीं है।
खगड़िया में हड़कंप, निलंबन की तलवार
खगड़िया के BSO के लखीसराय में शराब के साथ पकड़े जाने की खबर से खगड़िया जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूत्रों की मानें तो लखीसराय पुलिस द्वारा खगड़िया के जिलाधिकारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा रही है।
बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के अनुसार शराब पीते पकड़े जाने पर सरकारी सेवक को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की जाती है। ऐसे में BSO भारद्वाज का निलंबन तय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस कानून के तहत शराब पीना, रखना और बेचना तीनों ही अपराध हैं, जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। फिलहाल दोनों आरोपी लखीसराय नगर थाना की हिरासत में हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

