कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने बताया—नियम के तहत हुई कार्रवाई, नगर परिषद को पोस्टर लगाने की नहीं दी गई थी सूचना
खगड़िया। राजेंद्र चौक पर कांग्रेस के फ्लैक्स को हटाए जाने के बाद शुरू हुए विवाद में अब नगर परिषद का आधिकारिक पक्ष सामने आया है। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने NB18 से बातचीत में स्पष्ट किया कि पोस्टर/फ्लैक्स को नियमानुसार हटाया गया है।
कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार, कांग्रेस की ओर से पोस्टर लगाए जाने से पहले नगर परिषद को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित एक्ट के प्रावधानों के तहत किसी भी तरह का विज्ञापन, पोस्टर या प्रचार सामग्री लगाने से पहले नगर परिषद को इसकी सूचना देना आवश्यक है।
यानी जिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए, उसके पीछे नगर परिषद की ओर से नियमों का उल्लंघन और पूर्व सूचना नहीं दिए जाने को आधार बताया गया है।
पोस्टर हटते ही राजेंद्र चौक पर हंगामा
फ्लैक्स हटाए जाने की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता राजेंद्र चौक पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद पर राजनीतिक दबाव में पोस्टर हटाने का आरोप लगाया। विरोध के दौरान माहौल गर्म हो गया और कुछ देर के लिए राजेंद्र चौक पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
NB18 की पड़ताल में सामने आया अहम तथ्य
पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही था कि आखिर नगर परिषद ने पोस्टर क्यों हटाया? कांग्रेस की ओर से इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया गया, लेकिन नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी के आधिकारिक बयान ने कार्रवाई के प्रशासनिक आधार को स्पष्ट कर दिया है।
नगर परिषद का कहना है कि पोस्टर लगाने से पहले सूचना नहीं दी गई थी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई।
इसलिए पोस्टर विवाद में अब तस्वीर दो हिस्सों में साफ दिखाई दे रही है—एक तरफ कांग्रेस का राजनीतिक विरोध और दूसरी तरफ नगर परिषद का नियमों के तहत कार्रवाई का आधिकारिक दावा।
NB18 की पड़ताल: पोस्टर हटाने की कार्रवाई को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों के बीच नगर परिषद का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद विवाद का प्रशासनिक पक्ष भी सामने आ गया है।

