चौथम। सरकारी शिक्षा व्यवस्था और भवनों के रखरखाव की हकीकत बयां कर रहा है चौथम स्थित शिवाधीन महावीर इंटर स्तरीय विद्यालय का प्लस-टू भवन। करोड़ों रुपये की लागत से करीब आठ वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन आज क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा है। भवन के रखरखाव में लापरवाही का खामियाजा विद्यालय के 1269 छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
विद्यालय परिसर से अलग-थलग बने इस प्लस-टू भवन में लंबे समय तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। इस दौरान भवन के 12 कमरों की खिड़कियों में लगे शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए गए। वहीं, भवन के सभी शौचालयों को भी तोड़कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि, अब 13 लाख रुपये की लागत से चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है, जिससे भवन परिसर असामाजिक तत्वों के उपद्रव से सुरक्षित हुआ है।
जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं 1269 विद्यार्थी
विद्यालय में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक कुल 1269 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। प्लस-टू भवन के क्षतिग्रस्त रहने के कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले से बने जर्जर भवन में कराई जा रही है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, पुराना भवन भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। ऐसे में कभी भी अप्रिय हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
यदि शिक्षा विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त प्लस-टू भवन की मरम्मत करा दी जाती है, तो विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई की सुविधा मिल सकती है।
डीईओ को भेजे जा चुके हैं कई पत्र
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार ने बताया कि भवन की समस्या को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्रांक 110, दिनांक 15 अक्टूबर तथा पत्रांक 71, दिनांक 26 मई 2026 को स्मार पत्र भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई : डीईओ
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि अधीनस्थ विभागीय पदाधिकारी को भवन का निरीक्षण कर संरक्षण एवं जांच रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद समस्या के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए भवन की मरम्मत कब होगी और 1269 विद्यार्थियों को सुरक्षित पठन-पाठन की सुविधा कब मिल पाएगी?
