चौथम (खगड़िया)। चौथम प्रखंड के खरैता में नदी के भीषण कटाव से उत्पन्न स्थिति अब गंभीर होती जा रही है। कटाव की चपेट में आकर नवादा घाट और धमहरा घाट को जोड़ने वाली मुख्य सड़क नदी में विलीन हो चुकी है। वहीं, किसानों की उपजाऊ खेती योग्य जमीन भी लगातार नदी में समाती जा रही है। कटाव का सिलसिला जारी रहने से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कटाव की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने खरैता पहुंचकर प्रभावित स्थल का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कटाव की स्थिति, अब तक की कार्रवाई और बचाव कार्य की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग को कटाव निरोधी कार्य को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक पहल करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगामी बैठक में कटाव निरोधी कार्य का प्राक्कलन (स्टीमेट) प्रस्तुत करने को कहा।
मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि कटाव निरोधी कार्य के लिए प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने आगामी बैठक में इसे प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि आगे की कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पंचायत मुखिया प्रतिनिधि पप्पू सिंह ने जिलाधिकारी को कटाव से उत्पन्न समस्याओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सड़क के नदी में समा जाने और किसानों की जमीन को हो रहे नुकसान से अवगत कराया।
इस दौरान सदर एसडीओ धनंजय कुमार, अंचलाधिकारी रवि राज, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, बीपीआरओ प्रथम मयंक सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों को कटाव निरोधी कार्य शुरू होने का इंतजार है। सड़क और खेती योग्य जमीन को बचाने के लिए समय पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
