मुंगेर। मुंगेर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्र संगठन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SSAI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर संगठन 2 नवंबर 2026 से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेगा। आंदोलन का नेतृत्व विश्वविद्यालय अध्यक्ष श्रवण कुमार करेंगे।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई बार विद्यार्थियों की समस्याएं उठाने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। SSAI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कार्रवाई करने की अपील की है।
स्थायी भवन से लेकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार तक की मांग
SSAI की 11 सूत्री मांगों में मुंगेर विश्वविद्यालय के लिए स्थायी भूमि का अधिग्रहण कर भवन निर्माण का शिलान्यास कराने की मांग प्रमुख है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय की अपनी स्थायी आधारभूत संरचना विकसित करना उच्च शिक्षा के बेहतर संचालन के लिए जरूरी है।
इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, नियमित कक्षाएं संचालित कराने और ऑनलाइन भुगतान गेटवे के नाम पर विद्यार्थियों से 35 रुपये के स्थान पर 200 रुपये से अधिक तक लिए जाने वाले शुल्क की जांच कर अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है।
परीक्षा परिणाम और सत्र नियमित करने पर भी जोर
छात्र संगठन ने परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितता और छेड़छाड़ की शिकायतों पर रोक लगाने, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा निर्धारित समय पर परिणाम प्रकाशित करने की मांग उठाई है। इसके अलावा सभी शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने और लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव कराने की मांग भी शामिल है।
संगठन ने छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में पर्याप्त क्लासरूम, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और कॉमन रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्र जनता दरबार की मांग
SSAI ने विश्वविद्यालय में कथित तौर पर लापरवाही और तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय मुख्यालय में नियमित रूप से छात्र जनता दरबार आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
विद्यार्थियों के भविष्य के लिए होगा आंदोलन : श्रवण कुमार
विश्वविद्यालय अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों के अधिकारों और शैक्षणिक समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। प्रशासन की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के कारण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए है।
अब देखना होगा कि 2 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन शुरू होने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संगठन की मांगों पर क्या पहल करता है।
